उधना क्षेत्र में नगर निगम (SMC) कार्यालय और दो स्कूलों के पास भारी गंदगी का साम्राज्य
सूरत के उधना क्षेत्र में नगर निगम (SMC) कार्यालय और दो स्कूलों के पास भारी गंदगी का साम्राज्य देखने को मिला है। आरोप है कि नगर निगम ने नाले की सफाई के बाद निकाले गए कचरे और कीचड़ को निर्धारित डिस्पोजल साइट पर भेजने के बजाय खुले प्लॉट में डाल दिया। लगातार बारिश के कारण यह कचरा और कीचड़ सड़क पर फैल गया है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और सड़क फिसलन भरी हो गई है। इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, वहीं बच्चों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर भारी आक्रोश है। देशभर में स्वच्छता के लिए पुरस्कार जीतने वाले स्मार्ट सिटी सूरत की जमीनी हकीकत अब सवालों के घेरे में है। पिछले तीन दिनों से शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं उधना क्षेत्र में नगर निगम कार्यालय और दो स्कूलों के ठीक पास गंदगी का बड़ा ढेर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

नाले की सफाई हुई, लेकिन कचरा सड़क किनारे ही छोड़ दिया
जानकारी के अनुसार, हाल ही में सूरत महानगरपालिका ने उधना क्षेत्र में नाले की सफाई करवाई थी। नियमों के अनुसार नाले से निकाला गया कीचड़ और गंदा कचरा सीधे खजोद डिस्पोजल साइट पर भेजा जाना चाहिए था। लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित लापरवाही के चलते पूरा कचरा पास के एक खुले प्लॉट में डाल दिया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरे शहर का कचरा खजोद डिस्पोजल साइट पर भेजा जाता है, तो उधना क्षेत्र का यह गंदा कचरा खुले प्लॉट में क्यों डाला गया?
बारिश से बढ़ी परेशानी, सड़कें बनी फिसलन भरी
लगातार हो रही बारिश के कारण खुले प्लॉट में डाला गया कीचड़ और कचरा बहकर मुख्य सड़क पर फैल गया है। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है और सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।



मनपा कार्यालय और दो स्कूलों के पास गंदगी, बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जहां यह गंदगी फैली हुई है, उसके ठीक पास सूरत महानगरपालिका का अपना कार्यालय स्थित है। इसके बावजूद अब तक सफाई नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। यह इलाका घनी आबादी वाला है और यहां दो बड़े स्कूल भी हैं। प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों को इसी गंदगी और दुर्गंध के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। अब देखना यह होगा कि स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे करने वाली सूरत महानगरपालिका इस गंदगी को कब तक हटाती है और स्थानीय लोगों तथा बच्चों को इस समस्या से राहत दिला पाती है।












