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विवादित पोस्ट और बयान के चलते फिर कानूनी शिकंजे में आईडी बंद होने के बाद नई आईडी बनाकर किया तंज

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इंस्टाग्राम पर अपने दो अकाउंट भारत में प्रतिबंधित होने के बाद कीर्ति पटेल ने नई आईडी बनाकर तंज कसते हुए कहा, “मैं यू.के., लंदन, कनाडा, यूएसए, दुबई… आई एम फॉरेनर, भूरी… यू नो!”

अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कीर्ति पटेल ने कहा, “अब मैं दिन-रात एक कर दूंगी और 24 घंटे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहूंगी। चौबीसों घंटे लाइव आकर धमाका करूंगी, क्योंकि आपने मुझे शांत नहीं रहने दिया और अब मैं चुप नहीं बैठूंगी।” अपने विवादित बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण लगातार चर्चा में रहने वाली कीर्ति पटेल एक बार फिर कानूनी कार्रवाई का सामना कर रही हैं। सूरत के पुणा पुलिस स्टेशन में कीर्ति पटेल और भावनगर की निलंबित महिला कॉन्स्टेबल नयना बारैया के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। भावनगर के बोरडा गांव के सरपंच के पति एवं व्यापारी राजू भम्मर ने दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके परिवार की गंभीर मानहानि की और उन्हें धमकियां दीं।

सूरत पुलिस पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर धमकी, रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। कापोद्रा पुलिस स्टेशन के तत्कालीन प्रभारी पुलिस निरीक्षक एम.आर. सोलंकी ने ऐसे आरोपियों के खिलाफ PASA (प्रिवेंशन ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

पुलिस के अनुसार, चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कीर्ति रणछोड़भाई पटेल इस सूची में प्रमुख नामों में शामिल थीं। उन्हें कापोद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली (रंगदारी) के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि यह उनका पहला मामला नहीं था, बल्कि उनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना था कि कीर्ति पटेल पर बार-बार आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं और उनके आपराधिक इतिहास को देखते हुए उन्हें समाज की शांति और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा माना गया। PASA अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ऐसे आदतन अपराधियों को समाज से दूर रखना है, जो जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से उसी प्रकार के अपराध करते हैं। पुलिस का मानना था कि सामान्य कानूनी प्रक्रिया ऐसे आरोपियों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है, इसलिए उनके खिलाफ PASA के तहत प्रस्ताव तैयार किया गया था।

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