फर्जी पहचान का मामला, नाबालिग को कमरा देने पर सवाल, हिंदू संगठनों के हंगामे के बाद पुलिस जांच में जुटी
सूरत। डिंडोली क्षेत्र के रीजेंट प्लाज़ा स्थित एक होटल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाबालिग को कमरा दिए जाने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, जिसके बाद होटल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रीजेंट प्लाज़ा की चौथी मंजिल पर स्थित वे-पॉइंट होटल में एक युवक नाबालिग लड़की के साथ ठहरने पहुंचा था। युवक ने होटल रजिस्टर में कथित तौर पर गलत नाम दर्ज कराया और आधार कार्ड समेत पहचान से जुड़े दस्तावेज भी संदिग्ध बताए जा रहे हैं। साथ मौजूद लड़की के दस्तावेज भी फर्जी होने की आशंका जताई गई है। हिंदू संगठनों को जब नाबालिग को होटल में ठहराए जाने की जानकारी मिली, तो कार्यकर्ता तत्काल होटल पहुंचे। युवक की पहचान को लेकर विवाद खड़ा हो गया और होटल के अंदर हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान होटल प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। नाबालिग लड़की को संरक्षण में लिया गया, जबकि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि होटल प्रबंधन ने नियमों के तहत दस्तावेजों की सही जांच की थी या नहीं। सूरत के एसीपी नीरव गोहिल ने बताया कि लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि हुई है। फर्जी दस्तावेजों और होटल की भूमिका को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं में शिकायत दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












