सूरत। वकील पर हमला और लूट जैसे संगीन अपराधों में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को सूरत क्राइम ब्रांच ने पंडोल इलाके से गिरफ्तार कर लिया। सात दिनों तक चली गुप्त निगरानी के बाद सार्वजनिक सड़क पर हुई नाटकीय कार्रवाई ने राहगीरों को हैरान कर दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि पैरोल जंप कर फरार आरोपी मेहुल उर्फ महेश बाबर पंडोल क्षेत्र में दिखाई देने वाला है।
आरोपी की चालाकी और हिंसक प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए क्राइम ब्रांच ने पुलिस कार्रवाई से हटकर अलग रणनीति अपनाई। क्राइम ब्रांच की टीम ने वर्दी छोड़कर आम लोगों का रूप धारण किया। कोई चाय की दुकान पर ग्राहक बनकर मौजूद रहा तो कोई भजिया-नाश्ते की रेहड़ी लगाकर इलाके में लगातार निगरानी करता रहा। पुलिसकर्मी सात दिनों तक आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए रहे, लेकिन उसे पुलिस की मौजूदगी की भनक तक नहीं लगी। आरोपी अपने एक साथी के साथ बाइक से पंडोल इलाके में पहुंचा, टीम ने उसे चारों ओर से घेर लिया। आरोपी के हिंसक होने की आशंका के चलते PSI ने तुरंत सर्विस रिवॉल्वर निकालकर उसे आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस कार्रवाई से कुछ देर के लिए यातायात भी थम गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी वर्ष 2016 में वराछा इलाके में मोबाइल व्यापारी पर चाकू से जानलेवा हमला कर लूट की वारदात को अंजाम दे चुका है। इस मामले में कोर्ट से उसे सात वर्ष की सजा मिली थी। आरोपी लाजपोर जेल में बंद था, लेकिन डेढ़ साल पहले पैरोल पर बाहर आने के बाद फरार हो गया था। फरारी के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई तरीके अपनाए। कभी हीरे के कारखाने में काम किया तो कभी दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन यापन करता रहा। वह बार-बार ठिकाने बदलता रहा, लेकिन आखिरकार क्राइम ब्रांच की निगरानी से बच नहीं सका।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘ऑपरेशन कारावास’ के तहत आगे भी फरार कैदियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












