सूरत। नए साल के जश्न को लेकर शहर में जहां शराब तस्कर सक्रिय हो गए थे, वहीं पुलिस भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आई। थर्टी फर्स्ट की पार्टियों के लिए शहर में बड़ी मात्रा में अवैध शराब खपाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन सूरत क्राइम ब्रांच ने समय रहते कार्रवाई कर शराब माफिया की इस साजिश को नाकाम कर दिया।
पुणा क्षेत्र में मिली पुख्ता गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने एक संदिग्ध टेम्पो को पकड़ा। बाहर से सामान्य दिखने वाले इस वाहन के भीतर लाखों रुपये की विदेशी शराब बेहद शातिर तरीके से छुपाकर रखी गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि तस्करों ने टेम्पो की बॉडी में विशेष प्रकार का गुप्त केबिन तैयार किया था। इस केबिन को ऊपर से लोहे की चादर और शेड से इस तरह कवर किया गया था कि किसी भी अधिकारी को उस पर शक न हो। पूरी बॉडी को तकनीकी रूप से मॉडिफाई कर शराब की तस्करी की जा रही थी।
क्राइम ब्रांच को मिली सूचना के बाद टीम ने पुणा इलाके में मगौब CNG पंप के पास स्थित ‘जय माताजी पार्किंग’ में छापा मारा। वहां टेम्पो नंबर GJ-05-AT-1240 खड़ा मिला। पुलिस को पहले से जानकारी थी कि वाहन में अवैध माल छुपाया गया है। जब टेम्पो की बारीकी से तलाशी ली गई और लोहे की चादर हटाई गई, तो अंदर बना गुप्त केबिन सामने आया। केबिन खुलते ही विदेशी शराब की भारी खेप देखकर पुलिस भी चौंक गई।
पुलिस ने टेम्पो से कुल 1632 बोतलें विदेशी शराब और बीयर बरामद की हैं, जिनकी बाजार कीमत लगभग 8 लाख 2 हजार 800 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किया गया करीब 2 लाख रुपये कीमत का टेम्पो और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। इस तरह कुल 10 लाख 7 हजार 800 रुपये का मुद्देमाल पुलिस के कब्जे में लिया गया है।
इस मामले में पुलिस ने लिंबायत क्षेत्र से नरेंद्र उर्फ नारायण दत्तात्रेय नागपुरे को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह शराब नए साल की पार्टियों के लिए सूरत शहर में सप्लाई की जानी थी। फिलहाल क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य कौन-कौन से लोग शामिल हैं।












