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गैस सिलेंडर लीक होने के बाद हुए धमाके ने ली दो जान

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फ्लैश फायर से झुलसी दो युवतियों की उपचार के दौरान मौत, एक की हालत गंभीर

सूरत के सचीन–गभेणी इलाके में चार दिन पहले घर में गैस सिलेंडर लीक होने के बाद अचानक फ्लैश फायर से आग लग गई थी। इसमें दो बहनों समेत चार लोग झुलस गए थे। इनमें से दो युवतियों की इलाज के दौरान सिविल अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना से दो परिवारों में शोक का माहौल छा गया है।

गंभीर रूप से झुलसी दो युवतियों की इलाज के दौरान मौत

सचीन के गभेणी रोड पर बर्फ फैक्ट्री के पास स्थित गुरुकृपा सोसायटी में रहने वाली 22 वर्षीय भाग्यश्री हरिभाई पलाई 2 दिसंबर की सुबह गैस चूल्हे पर खाना बनाने जा रही थीं। इसी दौरान सिलेंडर लीक होने से फ्लैश फायर हुआ और जोरदार धमाका हुआ, जिससे घर में आग लग गई। इस आग में भाग्यश्री, उनकी बहन रिंकी (19) और पड़ोस की शालू रामकिशोर पाल (22) बुरी तरह झुलस गए। इसके अलावा हरीओम नामक युवक हल्का झुलसा। गंभीर रूप से झुलसी दोनों बहनों और शालू को 108 एंबुलेंस के माध्यम से नई सिविल अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान शालू और रिंकी की मौत हो गई। दोनों मूल रूप से ओडिशा के गंजाम जिले की रहने वाली थीं। सचीन GIDC पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

2 दिसंबर की सुबह हुआ था हादसा

गुरुकृपा सोसायटी के प्लॉट नंबर 327 की तीसरी मंज़िल पर कमरे नंबर 32 में 2 दिसंबर की सुबह सिलेंडर लीक होने से फ्लैश फायर हुआ। कुछ ही पलों में जोरदार धमाके के साथ आग फैल गई। आग इतनी तेज़ थी कि परिवार के लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया, जिसके चलते तीन युवतियाँ गंभीर रूप से और एक पुरुष हल्का झुलस गया। इस हादसे से सोसायटी में अफरातफरी मच गई। हरिभाई पलाई अपनी दो बेटियों—भाग्यश्री (22) और रिंकी (19)—के साथ रहते हैं और सांचा विभाग में काम कर परिवार का गुजारा चलाते हैं। 2 दिसंबर की सुबह तीनों युवतियाँ मिलकर खाना बना रही थीं। तभी ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाली शालू भी वहाँ आ गई थीं। इसी दौरान सिलेंडर लीक होने से फ्लैश फायर हुआ।आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।तीनों युवतियाँ गंभीर रूप से झुलस गई थीं। फायर विभाग को तुरंत सूचना दी गई, और 108 एंबुलेंस द्वारा सभी को नई सिविल अस्पताल पहुँचाया गया। फायर टीम ने मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पा लिया।

दोनो बहनों समेत तीनों युवतियाँ गंभीर रूप से झुलसी थीं

  • शालू और रिंकी 60–70% तक झुलसी थीं
  • भाग्यश्री 40–50% झुलसी थीं

अधिक झुलसने के कारण शालू और रिंकी की हालत नाज़ुक थी, और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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