सूरत में 19 जनवरी को हुई इस घटना के मामले में उधना पुलिस ने आखिरकार फैक्ट्री मालिक मेमन बंधुओं को गिरफ्तार कर लिया है। फैक्ट्री में सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी और बिना फायर NOC के अवैध रूप से संचालन करने के चलते यह कार्रवाई की गई है।उधना रोड नंबर-3 पर स्थित उमा इंडस्ट्रियल एस्टेट के प्लॉट नंबर 18, 19 और 20 में संचालित ‘RMS प्लास्ट’ नामक फैक्ट्री में सुबह के समय अचानक अफरा-तफरी मच गई थी। प्लास्टिक के दाने बनाने वाली इस फैक्ट्री में लगा क्रशर मशीन अचानक ओवरहीट होने के कारण फट गया, जिससे पूरे परिसर में भीषण आग भड़क उठी।
इस दौरान फैक्ट्री में काम कर रहे पांच श्रमिक आग की लपटों में घिर गए और गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल नई सिविल अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान पांच में से चार श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक श्रमिक अभी भी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है।
उधना पुलिस स्टेशन के पीआई शैलेश देसाई के मार्गदर्शन में इस मामले की गहन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। जांच में खुलासा हुआ कि यह फैक्ट्री पिछले डेढ़ से दो वर्षों से बिना किसी फायर सेफ्टी उपकरण और फायर विभाग की एनओसी (NOC) के संचालित हो रही थी।इतना ही नहीं, फैक्ट्री मालिकों ने वहां काम कर रहे गरीब श्रमिकों को किसी भी प्रकार का पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) या सेफ्टी किट भी उपलब्ध नहीं कराई थी। खतरनाक मशीनरी के पास बिना किसी सुरक्षा के श्रमिकों से काम कराना पुलिस जांच में सीधे तौर पर मानव जीवन से खिलवाड़ करने जैसी गंभीर लापरवाही माना गया है।
पुलिस द्वारा की गई गहन जांच में यह भी सामने आया कि RMS प्लास्ट के मालिक फैक्ट्री नियमों के अनुसार आवश्यक लाइसेंस और फायर NOC के बिना ही फैक्ट्री चला रहे थे। इस गंभीर लापरवाही के चलते आरोपियों के खिलाफ उधना पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।












