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टोल बुथों पर अगर ट्राफिक जाम होता है तो टोल टैक्स से छूट देने का नियम बनाए

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दर्शन नायक द्वारा मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन के बाद मार्ग और मकान विभाग को नियमानुसार कार्यवाही का आदेश

सूरत । जिले और शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल बूथ है। इन सभी टोल बूथों पर वाहन टोल टैक्स वसूलने का काम एक निजी एजेंसी को दिया गया है। सूरत में टोल नाका प्रबंधकों द्वारा की गई खुली लूट के बाद जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सहकारिता एवं किसान नेता दर्शन नायक द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन के बाद सीएमओ द्वारा मार्ग एवं मकान विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार कार्यवाही करने का आदेश दिया गया है।

किसान एवं सहकारिता नेता तथा गुजरात प्रदेश कांग्रेस महासचिव दर्शन नायक ने मुख्यमंत्री को 6 नवंबर 2023 को ज्ञापन दिया गया था। जिसमें कहा गया है कि सभी टोल नाके पर सीसीटीवी लगा हुआ है। कैमरे का कंट्रोल जो टोल नाका की एजेंसी के पास है तो ऐसे सी.सी.टी.वी. कैमरा रिकॉर्ड सार्वभौमिक नहीं होंगे। मुंबई में महाराष्ट्र सरकार ने एन्ट्री और एक्जीट गेट पर जिस तरह कैमरे लगाए गए हैं, उसी तरह गुजरात सरकार ने सूरत जिले और शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोलनाका पर राज्य सरकार के नियंत्रण में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

प्रत्येक टोल नाके पर टोल टैक्स के माध्यम से निजी एजेंसी की कुल वार्षिक आय को इस तरह प्रदर्शित किया जाना चाहिए ताकि टोल टेक्ष देनेवाले वाहन चालकों को पता चल सके कि प्रत्येक टोल नाके पर एजेंसी द्वारा वाहन चालकों के लिए सुविधाएं प्रदान की है। टोल नाके पर क्या अनुबंध दिया गया है और वर्तमान में प्रदान की जा रही सुविधाओं की एक सूची भी जनता को दिखाई देने योग्य तरीके से टोल नाके पर प्रदर्शित की जानी चाहिए।
टोलनाका पर यात्रियों से दुर्व्यवहार और गलत तरीके से टोल टैक्स वसूलने के कई मामले सामने आ रहे हैं। पलसाना-सचिन-हजीरा हाईवे पर दो किलोमीटर लंबी सड़क पार करने के लिए पीक आवर्स के दौरान आमतौर पर दो घंटे का ट्रैफिक जाम रहता है। सर्विस रोड का निर्माण नहीं होने के कारण पीक आवर्स के दौरान भाटिया टोल नाका प्रबंधन पर ट्रैफिक जाम लगता है। सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक और शाम को 06:30 से 08:30 बजे तक ट्रैफिक जाम के समय में वाहनों को नियमानुसार टोल टैक्स से छूट दी जानी चाहिए। राज्य और केंद्र सरकार और राजमार्ग अधिकारियों को टोल नाका पर शिकायतों का निवारण करने एक हेल्पलाइन नंबर भी घोषित करना चाहिए ।

टोल टैक्स का उपयोग सड़कों के रखरखाव और निर्माण आदि के लिए किया जाता है। सरकार इस शुल्क से राजमार्गों और एक्सप्रेसवे की योजना बनाती है और उनका रखरखाव करती है। लेकिन सूरत शहर और जिले में टोल सड़कों के प्रबंधन की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को सौंपी गई है, वह सरकारी नियमों के अनुसार सड़कों का रखरखाव नहीं कर रही है। जिसके कारण हाईवे पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और आम नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। उपरोक्त मामले की भी जांच होनी चाहिए और टोल टैक्स वसूलने वाली एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

दर्शन नायक द्वारा मुख्यमंत्री को शिकायत कि गई थी जिसमें सूरत शहर और जिले में टोल बूथों का प्रशासन पारदर्शी तरीके से हो और सरकार और वाहन चालकों को लाभ पहुंचाने के लिए राजस्व घोषणा नियम बनाए जाएं। ‌‌इस संदर्भ में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 17 नवंबर को लिखे गए पत्र से दर्शन नायक को सूचित किया गया कि मार्ग और मकान विभाग को इस संदर्भ में नियमानुसार उचित जांच करने का आदेश दिए गए है।

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