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तू डाल डाल मै पात पात की तर्ज़ पर थी नकल कराने की तैयारी, चार गिरफ्तार।

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गोरखपुर व्यूरों: सरकार लाखों कोशिशें कर रही है कि परीक्षाओं से नकल बंद कर दी जाय और नकल माफियाओं के पर कतर दिए जाय लेकिन नकल माफिया एक न एक तरकीब निकाल ले रहे हैं नकल कराने का। ऐसे ही एक मामले का खुलासा मंगलवार को देवरिया पुलिस ने किया। देवरिया में फर्जी प्रवेश पत्र और परिचय पत्र बनाकर नकल कराने वाले गिरोह का मंगलवार को पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। यह गिरोह पंजीकृत छात्रों की जगह दूसरे को बैठा कर बोर्ड परीक्षा दिलाने की तैयारी में था। यही नहीं इनके कब्जे से कक्ष निरीक्षकों के फर्जी परिचय पत्र भी मिले हैं। पुलिस ने एक फोटो स्टूडियो पर छापेमारी कर फर्जी प्रवेश पत्र और कक्ष निरीक्षकों का परिचय पत्र बरामद करने के साथ ही चार लोगोंं को गिरफ्तार कर लिया। उनमेें एक विद्यालय का क्लर्क भी है। इसका खुलासा एसपी डा श्रीपति मिश्र ने पुलिस लाइन में पत्रकारवार्ता में किया। इस दौरान डीएम अमित किशोर भी मौजूद रहे। एसपी ने बताया कि पुलिस को सोमवार की शाम सूचना मिली कि तरकुलवां बाजार में सीपीएन डिजिटल फोटो स्टूडियो में कुछ लोग फर्जी प्रवेशपत्र बना रहे हैं। उनकी तैयारी 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा में पंजीकृत परीक्षार्थियों की जगह दूसरे व्यक्ति को बैठा कर नकल कराने की है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस शिवचंद राम, डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद यादव, जीआईसी के प्रधानाचार्य पीके शर्मा, सदर एएसडीएम गजेंद्र कुमार, एसओ तरकुलवां नरेंद्र प्रताप राय और एसओजी प्रभारी अनिल कुमार यादव ने फोर्स के साथ स्टूडियो पर छापेमारी की। जांच में यहां से विभिन्न स्कूलो के 35 प्रवेश पत्र व कक्ष निरीक्षकों के 16 परिचय पत्र बरामद किए गए। मौके से तरकुलवां थाना क्षेत्र के हरैया निवासी दिग्विजय सिंह व कनकपुरा निवासी चंद्र प्रताप सिंह, अजय गोड़, अंगद गोंड़ को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें दिग्विज सिंह राधाकृष्ण बालिका इंका सेमरा बरवां तरकुलवां में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। एसपी ने बताया कि पूछताछ में सभी ने स्वीकार किया कि वे बोर्ड परीक्षा में बडे़ पैमाने पर नकल कराने  की तैयारी में थे। वे पंजीकृत छात्रों की जगह दूसरे परीक्षा में बैठाने के लिए फर्जी प्रवेशपत्र स्कैन करके बना लिए थे। पूछताछ में पता चला है कि सभी एक प्रबंधक के कहने पर प्रवेश पत्र तैयार कर रहे थे। पत्रकारवार्ता में मौजूद डीएम अमित किशोर ने कहा कि नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की छापेमारी में स्टूडियो से बड़ी मात्रा में फर्जी अंक पत्र, मुहर व बैंक के पासबुक भी बरामद हुए हैं। इसमें माध्यमिक शिक्षा परिषद के इंटरमीडिएट के 26 अंकपत्र, हाईस्कूल के 65 अंकपत्र, झारखंड स्टेट ओपेन स्कूल के हाईस्कूल व इंटर के 6 अंकपत्र, 17 आधार कार्ड, अलग-अलग व्यक्तियों के 28 फोटो, पूर्वाचंल बैंक का सादा 11 पासबुक, गोरखपुर विश्व विद्यालय का स्नातक का 11 अंक पत्र व स्टेट बैंक का एक पासबुक है। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। इसके अलावा स्टूडियो से दो लैपटॉप तीन प्रिंटर, एक सीपीयू, एक मॉनिटर को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मामले में पुलिस ने डीआईओएस शिवचंद राम की तहरीर पर दिग्विजय सिंह, चन्द्र प्रताप सिंह, अजय गौड़ और अंगद गौड़ के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। एसपी ने बताया कि सभी को चालान कर न्यायालय भेजा जा रहा है।

नकल और नकल माफियाओं का गढ़ है पूर्वांचल का देवरिया:- पूर्वांचल का देवरिया जिला कई वर्षों से नकल का गढ़ रहा है। यहाँ दूर सदूर से परीक्षा में पास होने और अपने सपनों को पंख लगाने के लिए लोग आतें रहते हैं और मुंह मांगी किमत अदा करके परीक्षा में पास होकर जाते है।भाजपा और योगी सरकार ने कुछ अंकुश तो लगाया लेकिन नकल माफियाओं ने इसकी भी काट निकाल ली तथा इस बार पुरी परीक्षा की सुचिता को तार तार करने की तैयारी कर ली थी।

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