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लॉकडाउन से तबाह हुआ पर्यटन, मनोरंजन और होटल सेक्टर, जा सकती है लाखों नौकरियां -पैकेज में राहत न मिलने से तीनों सेक्टर सरकार से नाराज और निराश

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नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोनाकाल में लॉरडाउन के कारण पर्यटन, मनोरंजन और होटल सेक्टर बुरी तरह तबाह हो गया। केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में कुछ भी राहत न पाने से नाराज ट्रैवल एंड टूरिज्म, रेस्ट्रोरेंट और होटल और एंटरटेनमेंट सेक्टर ने सरकार से कहा है कि कुछ और नहीं तो उन्हें एक साल का टैक्स हॉलिडे और सॉफ्ट लोन की सुविधा मिलनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर इन सेक्टरों पर बड़ी संख्या में नौकरियां जाने की आशंका है। इससे कोविड-19 संकट और लॉकडाउन के माहौल में देश में बेरोजगारी और बढ़ सकती है।
इन तीनों सेक्टरों के दिग्गजों ने सरकार से कहा है कि उसने राहत पैकेज की जो घोषणा की है, उसमें उनके लिए कुछ नहीं है। इनका कहना है कि कई कारोबार लॉकडाउन 4.0 में भी नहीं खुल पाए हैं। टूरिज्म इंडस्ट्री पूरी तरह बंद है। रेस्टोरेंट को सिर्फ होम डिलिवरी की छूट मिली है। मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हॉल खोलने की इजाजत नहीं है। सैलून, वेलनेस सेंटर बंद पड़े हैं। इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों का कामकाज ठप पड़ा है। ऐसे में काम बंद होने से बड़ी संख्या में नौकरियां जाने की आशंका है।
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट ज्योति मायल का कहना है कि इस वक्त टूर और ट्रैवल्स से जुड़ी कंपनियों की हालत काफी खराब है। सरकार को कुछ तो राहत देना चाहिए। इधर, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) का कहना है कि राहत पैकेज नहीं मिला तो केवल ट्रैवल एंड टूरिज्म सेक्टर से ही लाखों लोग बेरोजागर हो सकते हैं। सीआईआई की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 संकट का सबसे ज्यादा घातक हमला ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री पर पड़ा। टूरिज्म इंडस्ट्री की साइज 18 लाख करोड़ रुपये की है। कोरोना से पहले ट्रैवल एंड टूरिज्म सेक्टर में 5.5 करोड़ कर्मचारी थे। कोरोना संकट के चलते इस इंडस्ट्री में करोड़ों लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। इसी तरह देश में रेस्ट्रोरेंट सेक्टर की साइज 4.2 लाख करोड़ रुपये का है। कोरोना से पहले इस सेक्टर में 73 लाख कर्मचारी थे, जिनमें से 20 लाख नौकरियां जाने का अनुमान है।
इसी तरह ऑनलाइन फूड डिलिवरी सेक्टर की साइज 48,000 करोड़ रुपये है। इसमें कुल कर्मचारी करीब 5 लाख हैं। इस कारोबार के इनकम में 20 फीसदी गिरावट संभव है। सिनेमा, एंटरटेनमेंट की बात करें तो इसकी साइज 1.82 करोड़ रुपये है। कुल कर्मचारी 70 से 80 लाख हैं। इसी तरह देश में सैलून, ब्यूटी, वेलनेस इंडस्ट्री की साइज 1 लाख करोड़ रुपये है। इसमें कुल 5 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता है। वहीं, इवेंट इंडस्ट्री की साइज 10,000 करोड़ रुपये की है। यह 3 करोड़ लोगों को रोजगार देती है। कोरोना की वजह से इस सेक्टर में 90 फीसदी कारोबार खत्म हो गया है। तीनों सेक्टर ने सरकार से कहा है कि उनको सभी तरह के टैक्स पर 1 साल का टैक्स हॉलिडे मिलना चाहिए। इनकम टैक्स रिफंड तुरंत मिले। इंडस्ट्री के लिए 10 साल के लिए सॉफ्ट लोन की व्यवस्था की जाए। टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स (टीसीएस) हटाया जाए और ब्याज चुकाने के लिए 9 महीने की मोहलत मिले। टूरिज्म सेक्टर से जुड़े सुनील गुप्ता ने बताया कि सितंबर तक पर्यटकों के आने की कोई उम्मीद नहीं है।

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