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नर और मादा डायनासोर में अंतर को लेकर वैज्ञानिक भी एकमत नहीं

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लंदन (एजेंसी)। धरती पर सबसे विशाल जीव के रूप में जाने जाने वाले डायनासोर जो आज विलुप्त जीवों की श्रेणी में आते है को लेकर लोगों में आज भी जिज्ञासा है। जीवाश्म विज्ञानियों ने उनके बारे में काफी कुछ पता कर लिया है। वे क्या खाते थे, उनकी उम्र कितनी होती थी। क्या वे तैर भी पाते थे या उनमें से कौन सी प्रजाति पानी में रहती थी। यहां तक कि वे अपना शिकार कैसे करते थे यह भी। लेकिन एक शोध से पता चला है कि वैज्ञानिकों को यह पता नहीं लगा सके हैं कि नर और मादा डायनासोर में क्या अंतर होता था। डायनासोर जितना वैज्ञानिकों के लिए कौतूहल का विषय रहे हैं उससे कहीं ज्यादा लोगों के लिए उनकी कहानियां। इन कहानियों ने कई गलत बातें तक डायनासोर के बारे में फैला दी है। जैसे कुछ डायनासोर समूह में शिकार करते थे या टी रेक्स डायनासोर में मादा नर से ज्यादा भारी होती थीं। विज्ञान की दुनिया में डायनासोर में नर-मादा का भेद हमेशा से ही विवाद का विषय रहा है। इस दिशा में एक शोध से पता चलता है कि हम अभी तक यह बता पाने में सक्षम नहीं हैं कि नर या मादा डायानासोर में क्या अंतर होता है। पेलेएंटोलॉजी एंड इवोल्यूशनरी साइंस में यह शोध प्रकाशित हुआ है। इस शोध में पिछले कई शोधों का भी अध्ययन किया गया जिनमें नर और मादा डायनासोर का जिक्र था। शोधकर्ताओं ने पाया कि उन अध्ययनों में जो नर और मादा डायनासोर में अंतर का करने के आधार थे वे पर्याप्त नहीं थे।
लंदन के क्वीन मैरी यूनिविर्सटी के जूओलॉजिस्ट डेविड का बताया कि कुछ साल पहले एक शोधपत्र में बताया गया था कि टी रेक्स मादा अपने नर के मुकाबले बड़ी होती हैं। इसका आधार 25 टूटे हुए नमूने थे। होन का कहना है कि उनके शोध के नतीजे बताते हैं कि इस तरह के आंकड़े इस तरह के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए काफी नहीं हैं। आज के जमाने में डायनासोर के वंशज माने जाने वाले हमिंगबर्ड औ कुछ शिकारी पंछी के बारे में पाया गया है कि उनमें जरूर रिवर्स सेक्जुअल डिमॉर्फिजम पाया जाता है। इसकी वजह से प्रजाति में मादा नर से बड़ी होती हैं। लेकिन ऐसा क्यों होता है इसकी बहुत सी अवधारणाएं हैं। लेकिन डायनासोर के अन्य वंशजों में ऐसा नहीं होता। उनमें नर मादा से बड़े होते हैं। सेक्जुअल डिमॉर्फिजम कई पशुओं में पाई जाती है। लेकिन यह बिखरी हुई है से मोर प्रजाति या एंग्लर मछली। ऐसा डायनासोर की कुछ प्रजातियों में भी हो सकता है। जैसा कि एक सींग वाली एक डायनासोर प्रजाति के बारे में सोचा गया था। श्रींगासोरस इंडिकस प्रजाति के सात ही जीवाश्म मिले हैं। इसके बारे में कहा गया है कि इनमें मादाओं में सींग नहीं होते थे। लेकिन इस तरह की संभावना वाले डायनासोर के जितने भी जीवाश्मों का अध्ययन किया गया वह इसकी पुष्टि के लिए काफी नहीं हैं। हो सकता है कि ये सींग किसी दुर्घटना के कारण चले गए हों या इनकी ठीक से देखभाल न की गई हो।

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