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भारत के नए व्यावसायिक स्थल के रूप में उभरा पूर्वोत्तर क्षेत्र: मंत्री जितेंद्र सिंह

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नई दिल्ली (एजेंसी)। केन्द्रीय उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां कहा कि देश का पूर्वोत्तर क्षेत्र धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से भारत के एक नये व्यावसायिक स्थल के रूप में उभर रहा है। कोविड के बाद आर्थिक, व्यापार, वैज्ञानिक शोध और कई अन्य क्षेत्रों में नई सफलताओं की संभावनाओं के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र देश के आर्थिक हब और स्टार्टअप्स के लिए पसंदीदा स्थल के रूप में उभरेगा।
मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च एंड एनालिसिस और आईआईएम शिलांग द्वारा आयोजित ई-सिम्पोसिया 2020 का शुभारम्भ करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में पूर्व में की गई गलतियों को मोदी सरकार में पिछले छह साल के दौरान दूर किया गया है और इस क्रम में पहली बार देश के दूसरे क्षेत्रों के समान इस क्षेत्र पर पहली बार विशेष ध्यान दिया गया है। इससे न सिर्फ लोगों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि भारत के साथ ही देश के बाहर के क्षेत्रों से विभिन्न स्तरों पर जुड़ने की क्षमता भी बढ़ी है।
पूर्व में क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में पिछली सरकारों की दिलचस्पी में कमी पर दुख प्रकट करते हुए डॉ. सिंह ने इस क्षेत्र के व्यापक और समग्र विकास के लिए इस सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि चाहे इस क्षेत्र में संपर्क की समस्या से पार पाना हो या उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देना हो, यह सरकार हर संभव सहायता और समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जैसा कि देखा जा सकता है, पिछले छह साल में न सिर्फ क्षेत्र बल्कि पूरे देश में भी सामान और व्यक्तियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए सड़क, रेल और वायु संपर्क के लिहाज से खासा विकास हुआ है। अरुणाचल प्रदेश और मेघालय जैसे राज्यों में जहां अभी तक रेल नहीं पहुंची थी, वहां पर भी अब रेल संपर्क हो गया है। इसी प्रकार सिक्किम जैसे राज्यों में अब हवाई अड्डा परिचालन में आ गया है। दूसरे राज्यों में भी नए बंदरगाह खुल रहे हैं या सुविधाओं में बढ़ोत्‍तरी की जा रही है और पहले मौजूद सुविधाओं की क्षमता बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रों के आदान-प्रदान के लिए भारत-बांग्लादेश संधि से कारोबार की बाधाएं दूर हो गई हैं, आवाजाही भी आसान हो गई है, जो पहले खासा मुश्किल कार्य था। यह संधि भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हुई थी। जल्द ही हम त्रिपुरा से बांग्लादेश के लिए एक ट्रेन का संचालन करने जा रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र के विकास का एक नया अध्याय शुरू होगा और नए अवसर सामने आएंगे। साथ ही इससे पूरे क्षेत्र का बंदरगाहों तक संपर्क भी सुनिश्चित होगा। यह कहने की जरूरत नहीं कि इससे सीमाओं विशेष रूप से पूर्वी क्षेत्र के पड़ोसियों के साथ व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा।

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