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गुरुवार को लखतर में 8 ईंच समेत राज्य की 219 तहसीलों में बारिश

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अहमदाबाद (एजेसी)| गुरुवार को भी गुजरातभर में बरसाती माहौल बरकरार रहा और शाम 6 बजे तक राज्य की 219 तहसीलों में बारिश हुई| राज्य की 70 तहसीलों में 1 ईंच से 8 ईंच तक बारिश रिकार्ड हुई| सबसे अधिक बारिश सुरेन्द्रनगर जिले की लखतर में 8 ईंच रिकार्ड की गई| वहीं सुरेन्द्रनगर जिले की वढवाण में 5 ईंच, ध्रांगध्रा में 4.5 ईंच और दसाडा में ढाई बारिश हुई| दक्षिण गुजरात के सूरत जिले के उमरपाड़ा में 4 ईंच, कामरेज में 3 ईंच और सूरत शहर में 3 ईंच से 3.5 ईंच तक बारिश हुई| मोरबी जिले के टंकारा में 3, अहमदाबाद के विरमगाम में 2.5 ईंच, सुरेन्द्रनगर के लींबडी में 2.5, राजकोट के कोटडा सांगाणी में 2.5 ईंच बारिश दर्ज हुई| दिन के दौरान सुरेन्द्रनगर जिले में सबसे अधिक बारिश हुई| दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र समेत राज्य के अन्य जिलों में बारिश का दौर जारी रहा| कहीं मूशलाधार तो कही सामान्य बारिश जारी है| कई जगह भारी बारिश होने से नदी-नाले छलक गए हैं| दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में मूशलाधार बारिश के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया| सूरत, बारडोली, नवसारी, उमरपाडा और वलसाड में मूशलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं|

नवसारी की अंबिका और कावेरी, उमरपाडा की वीरा, महुवन और मोहन नदियां छलक गई हैं| सूरत के पर्वत पाटिया क्षेत्र में खाड़ी का पानी लोगों के घरों में घुस गया| सड़कों के नालों में तब्दील होने से वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं| भारी बारिश के कारण गणदेवी और बिलिमोरा को जोड़ने वाले मार्ग कर दिया गया है| सौराष्ट्र में भारी बारिश ने लोगों को बेहाल कर दिया| सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात ही नहीं बल्कि उत्तरी और मध्य गुजरात में भी अच्छी बारिश होने से नदियों और जलाशय छलकने लगे हैं| हांलाकि भारी बारिश के कारण लोगों की मुश्किलों में भी इजाफा हुआ है| सौराष्ट्र में मौसम की 100 प्रतिशत बारिश हो चुकी है और अब भी बारिश का दौर जारी है| खासकर देवभूमि द्वारका के कुछ इलाकों में भारी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं| वर्तु-2 डैम से पानी छोड़े जाने के कारण कल्याणपुर तहसील के जाम रावल और उसके आसपास के गांव फिर एक बार द्वीप में तब्दील हो गए हैं| गांव में जाने के लिए बोट का सहारा लेना पड़ रहा है|

पिछले डेढ़ महीने में चौथी बार यह स्थिति पैदा हुई है| इससे पहले गांव के द्वीप में तब्दील होने पर लोगों को दो दिन घरों की छत पर बिताने पड़े थे| जब कभी भी गांव जलमग्न होता है लोगों के घरों में चूल्हा नहीं जलता| लगातार बारिश के कारण भावनगर के महुवा में एक कच्चे मकान के ढहने से युवती की मौत हो गई| महुवा शहर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में मूशलाधार बारिश हो रही है| बारिश के बीच महुवा के खारी गांव में एक कच्चा मकान ढह गया| मकान ढहने से उसके मलबे के नीचे तीन लोग दब गए थे| जिसमें 17 वर्षीय युवती की मौत हो गई| जबकि परिवार के दो लोग जख्मी हो गए, जिन्हें एम्ब्युलैंस 108 के जरिए सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया है|

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