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आईपीएल 2020 के टाइटल स्पॉन्सरशिप की दौड़ में जीता ड्रीम11, 250 करोड़ रुपये में हुई डील

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आईपीएल 2020 के टाइटल स्पॉन्सरशिप की दौड़ में जीता ड्रीम11
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मुंबई (एजेंसी)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल 2020 के टाइटल स्पॉन्सरशिप के अधिकार फैंटसी स्पोर्ट्स लीग प्लेटफॉर्म ड्रीम11 को दिए हैं। ड्रीम 11 पहले से ही बीसीसीआई का पार्टनर है। ड्रीम 11 ने दौड़ में फेवरिट मानी जा रही टाटा संस को पछाड़ दिया है। टाटा के कई बिजनस हैं,वह ओलिंपिक स्पोर्ट्स का कई दशकों से सपॉर्ट कर रहा है। खबर है कि ड्रीम 11 ने इसके लिए करीब 250 करोड़ रुपये की बोली लगाई।

चीनी मोबाइल फोन निर्माता वीवो के हटने के बाद बीसीसीआई को नए टाइटल स्पॉन्सर की तलाश थी। इसमें कई बड़ी कंपनियां दौड़ में थीं। वीवो ने 2018 में 5 साल के लिए डील साइन की थी। हर साल वह बोर्ड को 440 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही थी। लेकिन इस बार देश में चीन के खिलाफ बने माहौल के चलते वीवो ने हटने का फैसला किया।

इस दौड़ में बायजूज,जियो, टाटा संस और अनएकैडमी जैसी कंपनियां शामिल थी। लेकिन ड्रीम 11 ने सभी को पछाड़कर टाइटल स्पॉन्सरशिप हासिल की। खबरों के अनुसार बिड में सबसे आगे ड्रीम इलेवन रही,जिसने करीब 250 करोड़ रुपये की बोली लगाई। वहीं अनअकैडमी ने 210 करोड़ और टाटा ने 180 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। एजुकेशन एप कंपनी बायजूज ने 125 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी।

वीवो इंडिया के आने पर हटेगा ड्रीम 11

जानकारी मिल रही हैं कि वीवो इंडिया जो दो सप्ताह पहले ही आईपीएल से अलग हुआ है, वापस आता है,तब ड्रीम11 को उसके लिए रास्ता छोड़ना पड़ेगा। हालांकि अगर वीवो टाइटल स्पॉन्सर के तौर पर नहीं लौटेगा,तब स्पोर्ट्स स्टार्ट अप के पास 2020 के आईपीएल के अलावा अगले दो साल के लिए भी अधिकार कायम रहने वाले है। ड्रीम-11 ने 222 करोड़ रुपये पहले साल के लिए, 240 करोड़ रुपये दूसरे साल के लिए और तीसरे साल के लिए भी 240 करोड़ रुपये। यह औसत बोली 234 करोड़ रुपये रही।

टाटा समूह ने अंतिम बोली नहीं लगाई

जानकारी मिली हैं कि टाटा समूह ने अंतिम बोली नहीं लगाई, जबकि दो शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनियां बायजूस (201 करोड) और अनएकेडमी (170 करोड़) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहें। पता चला है कि टाटा एक मोटी रकम के साथ बोली लगाने वाला था लेकिन उसकी कुछ शर्तें थीं। टाटा की पहली मांग थी कि वह तीन कैटगिरी (ग्रुप के अलग तीन ब्रांड) के लिए स्लॉट ब्लॉक करना चाहता था लेकिन बीसीसीआई ने पहले से तय कर रखा है कि वह जगह सिंगल-ब्रांड एक्टिविटी के लिए होगी।

सूत्रों ने कहा,सिर्फ एक कैटगिरी के लिए ही स्लॉट बुक किया जा सकता है,और यहीं टाटा के पक्ष में नहीं गया।’ ड्रीम इलेवन जो रकम बीसीसीआई को दे रहा है वह वीवो से आधी है। सूत्र ने कहा,बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह पैसा ठीक है। बोर्ड दो और ऑफिशल पार्टनर अनअकैडमी और क्रेड को साथ जोड़ेगा इसका अर्थ है कि उस और 80 करोड़ की रकम मिलेगी। बीसीसीआई को इस हिसाब से 300 करोड़ से ज्यादा की रकम मिलेगी।

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