सूरत, नवसारी और वलसाड जिलों में कुल 14 गंभीर प्रोहिबिशन मामलों में फ़रार आरोपी.
सुरत,सूरत शहर, सूरत ग्रामीण, नवसारी और वलसाड जिलों के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में आरोपी के खिलाफ शराबबंदी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2021 से अब तक वह लगातार पुलिस गिरफ्त से बचता रहा था। आरोपी परमेश्वर उर्फ साधु पांडे मूल रूप से बिहार के चंदौली जिले का रहने वाला है और वर्तमान में सूरत के भेस्तान तथा वलसाड के वापी में रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी से दक्षिण गुजरात के शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
दारू के अवैध कारोबार में साम्राज्य स्थापित करने वाले कुख्यात बूटलेगर परमेश्वर उर्फ साधु रामजी पांडे को सूरत शहर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। सूरत, नवसारी और वलसाड जिलों में कुल 14 गंभीर प्रोहिबिशन मामलों में वांछित यह आरोपी लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी साधु पांडे बेहद शातिर तरीके से अपना नेटवर्क चला रहा था। वह केंद्र शासित प्रदेश सेलवासा और दमन से भारतीय निर्मित विदेशी शराब का बड़े पैमाने पर व्यापारिक जखीरा खरीदता था। इस शराब को वह रेलवे के माध्यम से या हाईवे पर निजी वाहनों के जरिए तस्करी कर दक्षिण गुजरात के विभिन्न इलाकों में पहुंचाता था। अपने साथियों की मदद से वह वलसाड, नवसारी और सूरत के स्थानीय बूटलेगरों को माल सप्लाई करता था।
कई मामलों में वांछित परमेश्वर पांडे सूरत के आसपास के क्षेत्रों में छिपा हुआ था। इस सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने निगरानी रखी थी। तकनीकी सर्विलांस और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने भेस्तान इलाके में कार्रवाई कर आरोपी को दबोच लिया।
उसके खिलाफ सूरत डीसीबी में 3, पारडी में 1, गणदेवी में 1, चिखली में 1, कडोदरा जीआईडीसी में 3, वलसाड ग्रामीण में 1, वापी टाउन में 3 और वेजलपुर में 1 मामला दर्ज है। उसके खिलाफ गुजरात नशाबंदी संशोधन अधिनियम-2017 की धाराएं 65(ए), 65(ई), 81, 98(2) और 116(ख) के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा धोखाधड़ी (IPC 465, 468, 471) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराओं के तहत भी उसके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं।




