सूरत। सूरत नगर निगम की विभिन्न समितियों के चेयरमैनों की घोषणा के बाद एक नियुक्ति विशेष चर्चा का विषय बन गई है। भाजपा ने पूर्व लाइसेंसधारी प्लंबर रविंद्र खैरनार को ड्रेनेज (गटर) समिति का चेयरमैन नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के साथ वर्ष 2022 का एक पुराना नोटिस फिर चर्चा में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में उस समय के उधना-ए जोन के कार्यपालक अभियंता ने रविंद्र खैरनार को नोटिस जारी किया था। नोटिस में आरोप लगाया गया था कि 30 जनवरी 2022, जो सार्वजनिक अवकाश का दिन था, उस दिन बिना पूर्व अनुमति उधना स्थित गोविंद नगर क्षेत्र में सड़क खोदकर पानी का कनेक्शन लेने का प्रयास किया गया।
2 फरवरी 2022 को जारी नोटिस में सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्लंबर लाइसेंस रद्द करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। जिस व्यक्ति को कभी कथित अनधिकृत जल कनेक्शन के मामले में नोटिस मिला था, वही अब नगर निगम की ड्रेनेज समिति के चेयरमैन के पद पर नियुक्त हुए हैं। ऐसे में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस बीच नगर निगम की स्थायी समिति के एक सदस्य ने भी इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए चेयरमैन पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति पर पहले नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हों, उसे महत्वपूर्ण समिति की जिम्मेदारी सौंपना उचित नहीं है।
हालांकि, इस मामले में यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि नोटिस जारी होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी सिद्ध होने का प्रमाण नहीं होता। यदि संबंधित मामले में बाद में कोई विभागीय या कानूनी निर्णय हुआ हो, तो उसका भी संज्ञान लिया जाना चाहिए। फिलहाल रविंद्र खैरनार या भाजपा की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।












