CCTV और FSL रिपोर्ट से हत्या का खुलासा; आरोपी गिरफ्तार, जहरीली शराब की बोतल घर में छिपाकर रखी थी
भावनगर के आनंदनगर इलाके में दोस्त की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआत में दुर्घटना के रूप में सामने आए इस मामले में पुलिस को मिले CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों के आधार पर सामने आया है कि दोस्त ने ही डुप्लीकेट और जहरीली शराब पिलाकर अपने दोस्त भावेश विसाणी की हत्या की थी।
घोघा रोड पुलिस ने इस मामले में मुकेशभाई हसमुखभाई पटेल के खिलाफ हत्या की धारा 103(1) सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, उसे डुप्लीकेट शराब की बोतल उपलब्ध कराने वाले संजय नामक व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी जांच शुरू की गई है। जेल में बंद एक बूटलेगर को जेल से बाहर लाकर पुलिस पूछताछ करेगी।
धंधे की प्रतिद्वंद्विता के चलते दोस्त की हत्या करने वाले आरोपी मुकेशभाई पटेल और मृतक भावेशभाई विसाणी दोनों रिक्शा चलाकर स्कूल का काम करते थे। दोनों के बीच व्यावसायिक मामले को लेकर मनमुटाव था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को पहले से पता था कि उसके पास रखी रॉयल स्टैग की बोतल डुप्लीकेट थी। इसके बावजूद उसने यह शराब अपने दोस्त को पिलाई।
3 सितंबर की रात आनंदनगर नंबर-2 बस स्टैंड के पास भावेशभाई अपनी रिक्शा के साथ खड़े थे। इसी दौरान मुकेशभाई वहां पहुंचा। आरोपी के बयान के अनुसार, उसने पहले से अपने पास छिपाकर रखी रॉयल स्टैग की बोतल भावेशभाई को दी। इसके बाद दोनों ने रिक्शा में बैठकर शराब पी।
वहीं, मुकेश ने अपने पास मौजूद दूसरी बोतल से भी शराब पी। इस घटनाक्रम को CCTV फुटेज से भी समर्थन मिलने की बात शिकायत में कही गई है।
अगले दिन भावेशभाई की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने फोन पर लगातार उल्टी होने और तबीयत खराब होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सर टी. अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक के ब्लड सैंपल की FSL जांच में एथाइल अल्कोहल 0 तथा मिथाइल अल्कोहल 0.0818 प्रतिशत पाया गया। इस रिपोर्ट के बाद शराब के जहरीले प्रभाव को लेकर जांच को और अधिक महत्व मिला है।
कॉल रिकॉर्डिंग ने भी जांच को दिशा दी
मृतक के भाई द्वारा पेश की गई पेनड्राइव में मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग की पुलिस ने पंचों की मौजूदगी में ट्रांसक्रिप्ट तैयार की। शिकायत में बताया गया है कि रिकॉर्डिंग में भावेशभाई द्वारा लगातार उल्टी होने की बात कही गई थी। उसी रात मुकेशभाई ने फोन कर भावेशभाई के इलाज के बारे में पूछताछ की थी। जांच में यह भी सामने आया है।
CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्डिंग, FSL रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले को दुर्घटनावश मौत के बजाय हत्या की दिशा में ले जाकर कार्रवाई की है। इस मामले में मुकेशभाई पटेल के अलावा संजय नामक व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।
‘बोतल फोड़ दी’ कहकर पुलिस को गुमराह किया
जांच के दौरान जब पुलिस ने मुकेश से शराब की बोतल के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि बोतल को खाली करके फोड़ दिया था। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बोतल को नष्ट नहीं किया था, बल्कि उसे अपने घर की सीढ़ियों के नीचे छिपाकर रखा था।
शिकायत में बताया गया है कि गंभीर हत्या जैसे अपराध को अंजाम देने के बाद भी आरोपी पुलिस को बेझिझक गुमराह कर रहा था।












