Home मुम्बई सुशांत मौत मामला: सीबीआई के लिए चुनौती भरी होगी शुरुआती जांच

सुशांत मौत मामला: सीबीआई के लिए चुनौती भरी होगी शुरुआती जांच

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मुंबई (एजेंसी)। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंप दी है और अब सुशांत की मौत के दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद सीबीआई इस जांच को आगे बढ़ाएगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने भी बयान दिया है कि राज्य सरकार सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग करेगी. लेकिन इन सबके बीच में सवाल यह भी है कि क्या सीबीआई के लिए इस जांच को आगे बढ़ाना इतना आसान रहेगा.

यह सवाल इस वजह से खड़ा हो रहा है क्योंकि सीबीआई को इस मामले में जो अपनी जांच आगे बढ़ानी है वह उन सबूतों के आधार पर आगे बढ़ानी है. जिन सबूतों को मुंबई पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने तक के लिए पर्याप्त नहीं माना था सीबीआई उन सबूतों को खंगालेगी. अब सीबीआई की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम मुंबई आएगी. सीबीआई की टीम मुंबई पुलिस से इस मामले की केस डायरी मांगेगी. इसके अलावा संदिग्धों-गवाहों के बयान, फोरेसिंग रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी सीबीआई अपने कब्जे में लेगी.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने मुंबई पुलिस से उन सबूतों और दस्तावेजों को देने को कहा है जो सुशांत सिंह राजपूत मौत से जुड़े हुए हैं. लेकिन यहां यह समझना भी जरूरी है कि ये वहीं सबूत और दस्तावेज हैं जिनको देखने के बाद मुंबई पुलिस ने घटना के 2 महीने बाद तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की थी. जिसके बाद परिवार ने मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए पटना में एफआइआर दर्ज करवाई थी. सीबीआई को अपनी शुरुआती जांच मुंबई पुलिस के इकट्ठा किए गए सबूत और दस्तावेजों के आधार पर ही आगे बढ़ानी पड़ेगी.

इन सबूतों में मौका व वारदात से उठाए गए सबूत और सुशांत की डायरी जैसे कई अहम दस्तावेज शामिल है. इसके अलावा सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उन लोगों की सूची शामिल है जो उस दौरान सुशांत के घर पर मौजूद थे. इतना ही नहीं सुशांत की कॉल रिकॉर्ड डिटेल भी मुंबई पुलिस सीबीआई को सौंपेगी. यानी कि इस हिसाब से सीबीआई की जांच शुरुआती तौर पर थोड़ी चुनौती पूर्ण भी कही जा सकती है. लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ ही सीबीआई इस मामले में नए सिरे से मुंबई पुलिस के जुटाये गए सबूतों, दस्तावेजों और गवाहों की पड़ताल करेगी.

साथ ही कोशिश करेगी कि इस मामले में सबूतों की वो कड़ी जोड़ी जा सके जिन सबूतों को मुंबई पुलिस ने 2 महीने के दौरान एफआईआर दर्ज करने के लिए उपयुक्त तक नहीं माना था. इसके लिए सीबीआई की टीम सुशांत के उस फ्लैट पर भी जाएगी जहां सुशांत ने खुदकुशी की. वो क्राइम सीन देखेगी और उसे रिक्रिएट भी करेगी. सुशांत की फांसी के समय जो लोग उनके फ्लैट में मौजूद थे उनके बयान भी सीबीआई लेगी और रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शॉविक, पिता इंद्रजीत और अन्य को पूछताछ के लिए समन करेगी और बाद में वो इस बात का फैसला करेगी

कि इनमें से किसी को गिरफ्तार करने की जरूरत है या नहीं. सीबीआई सूत्रों की मानें तो एसआईटी की टीम मुंबई यूनिट के टच में है. मुंबई पहुंचने के बाद नया पंचनामा दाखिल हो सकता है, इसके अलावा सर्च ऑपरेशन दोबारा चलेगा. सीबीआई की ओर से जांच शुरू करने के लिए नए स्थान की तलाश की जा रही है, क्योंकि सीबीआई के मुंबई ऑफिस में 25 कोरोना केस पाए गए थे जिसकी वजह से दफ्तर बंद है.

गौरतलब हो कि सुशांत सिंह राजपूत ने 34 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था. मुंबई में वह 14 जून को अपने घर में मृत पाए गए थे. मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या कहा था. बाद में सुशांत सिंह के पिता के.के.सिंह ने पटना पुलिस थाना में एफ़आईआर दर्ज कराई और रिया चक्रवर्ती पर आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ-साथ अन्य गंभीर आरोप भी लगाए. लेकिन मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस को जाँच में सहयोग नहीं किया और अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए. बाद में रिया चक्रवर्ती सुप्रीम कोर्ट पहुँच गईं.

इस बीच बिहार सरकार ने इस मामले में सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश भी कर दी और केंद्र सरकार ने सिफ़ारिश मंज़ूर भी कर ली. और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई जाँच को हरी झंडी दे दी है. जब पटना पुलिस इस मामले की तहकीकात के लिए मुंबई आई तब यहां उसके साथ खूब हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ. यहां तक कि पटना एसपी विनय तिवारी को मुंबई मनपा द्वारा कोरोना के नाम पर जबरन होम आइसोलेशन में रख दिया गया था.

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