साल 2018 के बिटकॉइन कांड और अपहरण केस में.
शैलेश भट्ट का अपहरण कर 200 बिटकॉइन हड़पकर 32 करोड़ की फिरौती मांगी थी
अहमदाबाद की सिटी सेशंस कोर्ट की ACB की विशेष अदालत ने पूर्व विधायक नलिन कोटडिया और पूर्व IPS जगदीश पटेल सहित 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस अधिकारियों ने बिल्डर शैलेश भट्ट का अपहरण कर उनसे 200 बिटकॉइन लिए और 32 करोड़ की फिरौती मांगी थी। सभी दोषियों को रातों-रात जेल भेजा गया। उल्लेखनीय है कि नलिन कोटडिया 2012 में GPP से धारी सीट से विधायक बने थे।

पूर्व विधायक, पूर्व IPS, LCB PI और CBI इंस्पेक्टर सहित 15 गिरफ्तार
इस मामले में तत्कालीन अमरेली पुलिस प्रमुख जगदीश पटेल, तत्कालीन अमरेली LCB PI अनंत पटेल, तत्कालीन CBI इंस्पेक्टर सुनील नायर, कirit पालडिया, वकील केतन पटेल, पुलिसकर्मी और पूर्व BJP विधायक नलिन कोटडिया सहित 15 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इनमें से केवल जतीन पटेल को निर्दोष करार दिया गया। आरोपियों के वकील परेश वाघेला ने कहा कि फैसले का अध्ययन कर हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। यह फैसला 547 पन्नों का है। इसमें सरकार की ओर से 172 गवाहों की जिरह हुई जबकि बचाव पक्ष ने केवल 1 गवाह पेश किया। 2018 में चार्जशीट दायर हुई थी और अंतिम बहस करीब तीन महीने तक चली। इस दौरान लगभग 92 गवाह पलट गए। शिकायतकर्ता शैलेश भट्ट के वकील राजेश रूपारेलिया ने सरकारी पक्ष का समर्थन नहीं किया था। बाद में उन्हें अतिरिक्त गवाह के रूप में बयान देना पड़ा।
क्या है मामला?
2018 में सूरत के बिल्डर शैलेश भट्ट का गांधीनगर से अपहरण कर उन्हें एक फार्म हाउस में बंदी बनाकर बिटकॉइन लूटने का आरोप अमरेली पुलिस पर लगा था। केतन पटेल और पूर्व विधायक नलिन कोटडिया को जानकारी मिली थी कि शैलेश भट्ट और उनके साथियों ने सूरत के धवल मावाणी से 200 बिटकॉइन लूटे हैं। इसी आधार पर नलिन कोटडिया, केतन पटेल और किरीट पालडिया ने शैलेश भट्ट को लूटने की योजना बनाई। इसमें सबसे पहले CBI इंस्पेक्टर सुनील नायर ने 5 करोड़ रुपये नकद लिए। इसके बाद अमरेली पुलिस के साथ मिलकर 12 करोड़ के बिटकॉइन ले लिए। मामले की शिकायत होते ही CID क्राइम ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन दोषियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ। यह केस अहमदाबाद की सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट स्थित ACB की विशेष अदालत में चला। सरकार की ओर से विशेष सरकारी वकील अमित पटेल की नियुक्ति की गई। शैलेश भट्ट की अर्जी पर उच्च पुलिस अधिकारी और CBI इंस्पेक्टर पर फिरौती का केस दर्ज हुआ।
शैलेश भट्ट पर भी आरोप :-शैलेश भट्ट पर आरोप है कि उन्होंने 2257 बिटकॉइन, लाइटकॉइन और 14.5 करोड़ रुपये इस्तेमाल किए या छिपाए। उन्होंने बिटकनेक्ट कंपनी के पदाधिकारियों और कर्मचारियों का अपहरण कर 2021 बिटकॉइन, 11000 लाइटकॉइन और 14.5 करोड़ रुपये की फिरौती वसूली थी। शैलेश भट्ट ने बिटकनेक्ट कंपनी में लगभग 1.14 करोड़ रुपये गंवाए थे, जिसके बाद उन्होंने योजना बनाकर कंपनी के पदाधिकारियों और कर्मचारियों का अपहरण कर बिटकॉइन, लाइटकॉइन और नकद रुपये वसूल किए। उन्होंने उस समय अमरेली SP जगदीश पटेल और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि उन्हें किडनैप कर 176 बिटकॉइन छीन लिए गए। भट्ट ने दूसरी शिकायत CBI इंस्पेक्टर सुनील कुमार के खिलाफ की थी, जिसने ED और आयकर विभाग की धमकी देकर 10 करोड़ की रिश्वत मांगी थी। सौदा 5 करोड़ में तय हुआ था और 4.60 करोड़ का भुगतान किया गया था।
किसका क्या रोल था?
- नलिन कोटडिया (पूर्व विधायक)
शैलेश भट्ट के बिटकॉइन खरीदने की जानकारी मिलने पर नलिन कोटडिया ने उनसे मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई। उन्होंने तत्कालीन अमरेली SP के साथ हाथ मिलाया और यह पूरा कांड सामने आया। - जगदीश पटेल (तत्कालीन अमरेली SP)
अमरेली SP रहते हुए जगदीश पटेल ने नलिन कोटडिया के साथ मिलकर शैलेश भट्ट पर छापा मारा और करोड़ों रुपये वसूले। - सुनील नायर (तत्कालीन CBI इंस्पेक्टर)
7 फरवरी 2018 को शाम 5:47 बजे सुनील नायर ने शैलेश भट्ट को फोन कर CBI ऑफिस बुलाया। भट्ट अपने वकील धर्मेश पटेल और साथियों के साथ पहुंचे। 8 फरवरी को मुलाकात के दौरान नायर ने 5 करोड़ की मांग की। इसमें से 4 करोड़ रुपये गांधीनगर की इंफोसिटी स्थित आंगड़िया फर्म मेसर्स उमेशचंद्र एंड संस में भेजे गए थे, जिसे किरीट पालडिया ने सुनील नायर तक पहुंचाया।