हत्या में इस्तेमाल हथियारों के अलावा राहुल बटका के दोस्त से एक पिस्तौल बरामद
सतीश मराठा हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस और क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान चौंकाने वाली जानकारी मिली है। इस हत्याकांड की साजिश के तहत नवसारी से एक GPS ट्रैकिंग डिवाइस खरीदा गया था। राहुल मंडल ने राहुल बटका से कहा था कि यह GPS अंकुर पांडे को दे देना। अंकुर अच्छी तरह जानता था कि राहुल मंडल और सतीश के बीच संबंध अच्छे नहीं थे और दोनों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। हत्या से करीब एक सप्ताह पहले जब सतीश की कार गैराज में आई थी, तब अंकुर ने मौका देखकर ड्राइविंग सीट के नीचे यह GPS डिवाइस फिट कर दिया था। इसका उद्देश्य सतीश की कार की लोकेशन ट्रैक करना और हत्या के लिए उसके ठिकाने की जानकारी हासिल करना था।
हत्या में इस्तेमाल हथियारों के अलावा चौथी पिस्तौल भी बरामद
वारदात के समय आरोपी देसी, हाथ से बनी मैगजीन वाली पिस्तौल और देसी तमंचे समेत तीन हथियार लेकर सतीश की हत्या करने पहुंचे थे। हालांकि, जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने हत्या के लिए एक अतिरिक्त पिस्तौल भी बैकअप के तौर पर रखी थी। यह चौथी पिस्तौल आरोपी राहुल बटका ने अपने दोस्त सत्यनारायण के पास छिपाने के लिए रखी थी। हालांकि हत्या में इस पिस्तौल का सीधे तौर पर इस्तेमाल नहीं हुआ था, फिर भी पुलिस ने गहन जांच के बाद इसे भी बरामद कर लिया है।
5 मुख्य आरोपियों और 4 नाबालिगों को पकड़ा गया
सनसनीखेज हत्या के बाद क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने कई जगह छापेमारी कर पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें राहुल उर्फ आर.के. कपूर, केतन सरसाठ, राहुल बटका, करण दुबे और अजीत गोस्वामी शामिल हैं। इसके अलावा हत्या में शामिल चार कानून के संघर्ष में आए नाबालिगों को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
रिमांड पूरा होने के बाद आरोपी न्यायिक हिरासत में
गिरफ्तार सभी आरोपियों का पांच दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद भेस्तान पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड की मांग करते हुए कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, कोर्ट ने अतिरिक्त रिमांड मंजूर नहीं किया और सभी मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत यानी जेल भेजने का आदेश दिया।
पुलिस फिलहाल पूरे मामले में तकनीकी सबूतों और हत्या में इस्तेमाल हथियारों की कड़ी को मजबूत करने के लिए आगे की जांच कर रही है।












