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सूरत में जर्जर मकान की गैलरी और सीढ़ी ढही, मानसून के बीच उधना जोन-ए की निगरानी पर उठे सवाल

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Pandesara
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सूरत। मानसून की शुरुआत के साथ ही सूरत में जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। पांडेसरा क्षेत्र के मुक्तिनगर में मंगलवार को एक ग्राउंड प्लस दो मंजिला मकान की गैलरी और मुख्य सीढ़ी (दादर) का हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के समय ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग नीचे नहीं उतर सके, जिसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पांडेसरा पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल ने वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हादसे में गैलरी और सीढ़ी का मलबा नीचे खड़ी एक ऑटो रिक्शा और एक मोटरसाइकिल पर गिर गया, जिससे दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद क्षेत्र की घेराबंदी कर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब मानसून शुरू होने से पहले नगर निगम द्वारा जर्जर और खतरनाक इमारतों का सर्वेक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का दावा किया जाता है। मुक्तिनगर में लगातार दूसरे दिन भवन का हिस्सा गिरने की घटना ने इस प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन की स्थिति पहले से खराब थी, तो समय रहते निरीक्षण, नोटिस या सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए। इस घटना के बाद सूरत महानगरपालिका के उधना जोन-ए द्वारा जर्जर भवनों की पहचान, निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, इस मामले में नगर निगम की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित भवन को पहले से खतरनाक घोषित किया गया था या नहीं, अथवा उसके संबंध में कोई नोटिस जारी किया गया था। इन बिंदुओं पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

मानसून के दौरान इस तरह की घटनाओं को देखते हुए नागरिकों ने नगर निगम से जर्जर इमारतों का पुनः सर्वेक्षण करने और संभावित खतरे वाले भवनों के खिलाफ तत्काल एहतियाती कार्रवाई करने की मांग की है।

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