TP कमेटी चेयरमैन और महिला पार्षद के पति में कहासुनी के बाद हाथापाई, मारपीट-फ्रैक्चर के दावों से मचा हड़कंप
सूरत भाजपा में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कांति बल के कार्यालय में TP कमेटी के चेयरमैन महेंद्र देसाई और महिला पार्षद जयश्री वोरा के पति मनहर वोरा के बीच पहले कहासुनी और बाद में हाथापाई होने की बात सामने आई है। मनहर वोरा ने मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि महेंद्र देसाई ने इन आरोपों से इनकार किया है। इस घटना के बाद भाजपा के अनुशासन और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूरत भाजपा में अंदरूनी विवाद अब सार्वजनिक हो गया है। विधायक कार्यालय में TP कमेटी के चेयरमैन और महिला पार्षद के पति के बीच हुई घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। कोई इसे हाथापाई बता रहा है तो कोई मारपीट और फ्रैक्चर तक के दावे कर रहा है। अगर वास्तव में गंभीर मारपीट हुई थी, तो मेडिकल-लीगल प्रक्रिया के लिए सिविल अस्पताल में उपचार कराने के बजाय निजी अस्पताल में इलाज क्यों कराया गया, यह सवाल भी उठ रहा है। भाजपा के ही नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जाने से पार्टी के अनुशासन और विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लग गया है। अब इस मामले की सच्चाई सामने लाने की जिम्मेदारी पार्टी नेतृत्व पर आ गई है। हालांकि, शहर भाजपा अध्यक्ष फिलहाल विदेश में होने के कारण इस मामले में नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार को विधायक कांति बल के कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान TP कमेटी के चेयरमैन महेंद्र देसाई और महिला पार्षद जयश्री वोरा के पति मनहर वोरा के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद माहौल गर्म हो गया और दोनों के बीच हाथापाई होने की बात सामने आई है।
महिला पार्षद और उनके पति का दावा है कि उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण दोनों को चोटें आईं और उन्हें उपचार कराना पड़ा।
दूसरी ओर, TP कमेटी के चेयरमैन महेंद्र देसाई ने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि केवल कहासुनी और हाथापाई हुई थी। विधायक कांति बल ने भी हाथापाई होने की बात कही है। घटना के समय मौजूद कुछ लोगों के अनुसार, TP कमेटी के चेयरमैन के अलावा एक अन्य पार्षद के साथ भी महिला पार्षद के पति की कहासुनी हुई थी। इस दौरान थप्पड़ मारे जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, आरोपों का मुख्य केंद्र TP कमेटी के चेयरमैन होने के कारण घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
विवाद के बाद महिला पार्षद और उनके पति ने TP कमेटी के चेयरमैन पर अवैध निर्माणों के मामले में भेदभाव और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा के ही निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाने से पार्टी की आंतरिक स्थिति चर्चा का विषय बन गई है। पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उपचार को लेकर हो रही है। यदि वास्तव में गंभीर मारपीट हुई थी, तो मेडिकल-लीगल प्रक्रिया के लिए सिविल अस्पताल में उपचार क्यों नहीं कराया गया और निजी अस्पताल में ही इलाज क्यों कराया गया, यह सवाल उठ रहा है। इसी तरह फ्रैक्चर के दावे को लेकर भी अलग-अलग चर्चाएं सामने आ रही हैं। अब इस पूरे मामले की वास्तविकता क्या है और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है, इसे स्पष्ट करने के लिए पार्टी नेतृत्व और संभावित जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।











