जेल में प्लानिंग, बाहर गैंगवॉर का खूनी खेल: सतीश मराठा को घेरकर बेरहमी से मारा, 4 नाबालिग समेत 8 गिरफ्तार
कुल्हाड़ी-तलवार से हमला: सिर फाड़ा, उंगलियां काटीं
5 अगस्त 2026 को सूरत में पुरानी दुश्मनी के चलते सतीश मराठा की उसके ही पूर्व साथियों और हमलावरों ने तलवार और कुल्हाड़ी से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। हमलावरों ने उसका सिर फाड़ दिया और उंगलियां काट दीं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सूरत क्राइम ब्रांच और तापी जिला LCB ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 4 नाबालिगों समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश लाजपोर जेल से रची गई थी। घटना वाले दिन दोपहर करीब 4:15 बजे सतीश एक महिला मित्र के साथ स्विफ्ट कार में भेस्तान इलाके में आया था। पूर्व नियोजित साजिश के तहत बाइक सवार नाबालिगों ने उसकी कार को घेरकर शीशे तोड़ दिए। सतीश जैसे ही कार से बाहर निकला, हमलावरों ने उसे घेर लिया और तलवार, कोयता तथा कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस दौरान बंदूक से फायरिंग भी की गई, हालांकि गोली सतीश को नहीं लगी। गंभीर हमले में सतीश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
सूरत क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि हत्या की पूरी साजिश लाजपोर सब-जेल से रची गई थी। फरवरी 2026 में गणेश खुटिया पर हमला करने वाले आरोपियों का संपर्क GJCTOC के मामले में जेल में बंद राहुल सोमण मंडले से हुआ था। पुलिस के मुताबिक, राहुल मंडले ने जेल से ही सतीश मराठा को खत्म करने के लिए हथियार, नेटवर्क और पूरी प्लानिंग उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। जेल से बाहर आए केतन ने राहुल के नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए नाबालिगों से सतीश की रेकी करवाई और फिर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
हत्या के बाद आरोपी सूरत-धुलिया हाईवे के रास्ते महाराष्ट्र भाग रहे थे। हालांकि, पुलिस ने तापी जिले के उच्छल इलाके से 4 मुख्य आरोपियों—केतन उर्फ सन्नी (उम्र 19 वर्ष), राहुल उर्फ बटको (उम्र 20 वर्ष), करण उर्फ पुदुल (उम्र 20 वर्ष), अजीत उर्फ जस्टिन (उम्र 26 वर्ष)—और 4 नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 2 देसी पिस्टल, 1 तमंचा, मैगजीन और 3 मोपेड बरामद किए गए हैं। फिलहाल भेस्तान पुलिस स्टेशन में BNS 2023 की धारा 103(1) समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सतीश मराठा और आरोपियों के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत दुश्मनी चल रही थी। सतीश के लोगों ने पहले अजीत और एक नाबालिग के बहनोई पर चाकू से हमला किया था। इसके बाद करीब डेढ़ महीने पहले आरोपियों ने गोडादरा ब्रिज के नीचे सतीश मराठा पर मिर्च पाउडर डालकर हमला करने की कोशिश की थी। हालांकि, सतीश के साथी मौके पर पहुंच गए और वह बच गया।
आरोपियों को डर था कि गणेश खुटिया के साथ चल रही दुश्मनी के चलते सतीश उन्हें जान से मार सकता है। इसी डर के चलते उन्होंने सतीश को पहले ही रास्ते से हटाने की साजिश रची।
उल्लेखनीय है कि राहुल अपार्टमेंट गैंग से जुड़े मृतक सतीश मराठा के खिलाफ 2020 के चर्चित सूर्या मराठा हत्याकांड, 2018 के किशोर पिंकीबा हत्याकांड, 2026 के आशीष सिंह हत्याकांड और इच्छापुर इलाके में फायरिंग कर हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसे गंभीर मामले दर्ज थे।
जुलाई 2024 में जेल से रिहा होने के बाद भी उसकी आपराधिक गतिविधियां जारी रहने की बात सामने आई थी। इसी वजह से स्थानीय गैंग और उसके पूर्व साथियों के साथ उसकी दुश्मनी बढ़ती गई और आखिरकार इसी गैंगवार में उसकी हत्या कर दी गई।












