नोएडा में पति-पत्नी चला रहे थे अश्लील वीडियो स्टूडियो, लड़कियों की गंदी फिल्में करते थे अपलोड
उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक दंपती के घर पर प्रवर्तन निदेशालन (ईडी) ने छापा मारा, तो उसके होश उड़ गए। यह दंपती किशोर और नीलू श्रीवास्तव एक एडल्ट वेबकैम स्ट्रीमिंग स्टूडियो चलाते मिले। आरोप है कि वे मॉडल्स के एडल्ट वीडियो बनाते थे और उन्हें साइप्रस की एक कंपनी को भेजते थे। यह कंपनी अंतरराष्ट्रीय पोर्नोग्राफिक साइट्स चलाने के लिए जानी जाती है। ईडी ने कुछ मॉडल्स के बयान भी दर्ज किए हैं। इन मॉडल्स ने दंपती के लिए काम किया था और वीडियो में दिखाई दी थीं। ईडी ने यह छापेमारी FEMA के तहत की है। दंपती सुबदिगी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चला रहे थे, जिसके जांच ईडी कर रही है। दंपती साइप्रस की कंपनी टेक्नियस लिमिटेड के लिए अपने घर से एडल्ट वेबकैम स्ट्रीमिंग स्टूडियो चलाते थे। टेक्नियस लिमिटेड, Xhamster और Stripchat जैसी पोर्न वेबसाइट चलाती हैं। दंपती अपने बैंक खातों में “विदेशी राशि” प्राप्त करते थे। वे बैंकों को गलत तरीके से विज्ञापन, बाजार अनुसंधान और जनमत सर्वेक्षण सेवाओं के लिए कोड देते थे। दंपती के बैंक खातों में अब तक 15.66 करोड़ मिले हैं।

एक शानदार बंगले में पिछले कई साल से घिनौना काम किया जा रहा था। बंगले के स्टूडियो में मॉडल्स का न्यूड वीडियो शूट कर उसे पोर्न साइट को बेचने का धंधा किया जा रहा था। इसका भंडाफोड़ ED की छापेमारी के बाद हुआ। ईडी की टीम ने नोएडा (Noida) के सेक्टर-105 के बंगले में छापा मारा, तो ऑनलाइन पोर्नोग्राफी रैकेट का पता चला।पूछताछ में सामने आया कि पति-पत्नी सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर मॉडल्स की भर्ती करते। फिर उनका लाइव कैम पर अश्लील वीडियो शूट करके विदेशी पोर्न वेबसाइटों पर अपलोड कर देते थे। इसके एवज में उन्हें मोटी रकम मिलती थी। जिसका करीब 25 प्रतिशत मॉडल्स को देते थे।
पैसे के हिसाब से लड़कियों को देते थे टास्क ED के मुताबिक, ऑनलाइन पोर्नोग्राफी के दौरान लड़कियों के अलग-अलग तरीके के टास्क होते थे। मतलब कस्टमर जितना पैसा भेजता था, उसी हिसाब से लड़कियां एक्ट करती थीं। जैसे…(1)हाफ फेस शो (जहां चेहरा आधा दिखता था) (2) फुल फेस शो (जहां पूरा चेहरा दिखता था) (3) न्यूड कैटेगरी (जिसमें पूरी तरह नग्नता होती थी) इनके लिए ग्राहकों से अलग-अलग रकम वसूली जाती थी। इस कमाई का 75% हिस्सा पति-पत्नी के पास जाता था, जबकि 25 प्रतिशत हिस्सा लड़कियों को दिया जाता था। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी पहले रूस में एक ऐसे ही सिंडिकेट का हिस्सा रह चुका है। बाद में भारत आकर अपनी पत्नी के साथ इस पोर्नोग्राफी रैकेट को शुरू किया। इस मामले में ED जल्द ही और भी गिरफ्तारियां कर सकती है। नोएडा पुलिस भी जल्द इस मामले की जांच करेगी। फिलहाल ED ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। ED ने इस दंपती के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कार्रवाई की है।
